नई दिल्ली।
अब से कुछ देर बाद खतरनाक चक्रवाती तूफान पाइलीन ओडिशा के गोपालपुर में
टकराएगा। पाइलीन की दस्तक देने से पहले ही इसका असर दिखने लगा है।
भुवनेश्वर समेत ओडिशा के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ साथ बारिश हो रही
है। ओडिशा ही नहीं आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज बारिश हो रही है।
डेढ़ सौ किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से ज्यादा हवा की रफ्तार हो चुकी है।
मौसम विभाग की ताजा जानकारी के मुताबिक पाइलीन इस वक्त गोपालपुर से 180
किलोमीटर दूर है।
मौसम
विभाग ने कहा है कि शाम 6 से 8 के बीच पाइलिन गोपालपुर में समुद्र तट से
टकराएगा। तट से टकराने के 6 घंटे बाद तक इस ये चक्रवात सबसे ज्यादा घातक
होगा। हालांकि इसका असर 24 घंटे तक रहेगा। पारादीप के समंदर में 18 मछुआरे
फंस गए हैं। खराब मौसम की वजह से सरकार ने इनको बचाने के लिए हाथ खड़े कर
दिए हैं। पारादीप बंदरगाह को बंद कर दिया गया है। भुवनेश्वर आने जाने वाली
उड़ानें भी रद्द कर दी गई हैं।
केंद्रीय
गृह सचिव अनिल गोस्वामी के मुताबिक ओडिशा के तटीय इलाकों में से अब तक चार
लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। जबकि आंध्र प्रदेश की बात
करें तो यहां के तटीय इलाकों में बसे एक लाख लोगों को सुरक्षित इलाकों में
भेजा गया है। चक्रवाती तूफान पाइलीन पर केंद्र सरकार भी नजर बनाए हुए और
राज्यों के साथ संपर्क में है। इस मुद्दे पर पीएमओ यानी प्रधानमंत्री
कार्यालय में केंद्रीय गृह सचिव ने कैबिनेट सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों
के साथ बैठक में चर्चा की।
चक्रवात
से निपटने के लिए पूरे सरकारी तंत्र को चाकचौबंद कर दिया गया है। तीनों
सेनाओं को मुस्तैद कर दिया गया है। जिलों में विशेष अधिकारियों को स्थानीय
अधिकारियों की मदद के लिए तैनात किया गया है। सेना की चार टीमें 500 जवानों
के साथ तटीय इलाकों के लिए रवाना हो गई हैं। ये जवान अपने साथ राहत
सामग्री और मेडिकल सुविधाओं से लैस है। इनके पास मैकेनिकल पावर वोट, लाइफ
जैकेट और जीवन रक्षक दवाएं मौजूद हैं।
एनडीआरएफ
के 1800 लोग ओडिशा में तैनात है। इसके अलावा एनडीआरएफ के 600 लोग आंध्र
प्रदेश में तैनात हैं। इन टीमों को सेटेलाइट फोन के साथ मुस्तैद किया गया
है। वहीं इसकी ओर से आंध्र प्रदेश को 10 हेलीकॉप्टर मुहैया करवाया जा रहा
है। थल सेना ने भी अपनी एक कोर टीम भुवनेश्वर में तैनात कर दी है। इसके
अलावा नेवल और कोस्ट गार्ड की टीमें अलर्ट पर हैं। अब तक लगभग पांच लाख
लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है।
मौसम
विभाग के मुताबिक 5 जिले जहां सबसे ज्यादा तबाही और बर्बादी होने की आशंका
जताई जा रही है। वो हैं ओडिशा का जगतसिंहपुर, गंजाम, खुर्दा, पुरी और
आंध्र प्रदेश का श्रीकाकुलम। वहीं, हावड़ा से विशाखापट्टनम जाने वाली सभी
रेलगाड़ियां रद्द कर दी गई हैं। ये ट्रेनें भुवनेश्वर और ओडिशा के तटीय
इलाकों से होकर गुजरती हैं जहां अभी मौसम बेहद खराब हो रहा है।
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