ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा है कि फैलिन से बचने के लिए
राज्य में अब तक नौ लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है।
वहीं भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक लक्ष्मण सिंह के अनुसार पहले बिहार के मैदानी भागों में बारिश होगी। साथ ही बिहार में आईएमडी ने फैलिन चक्रवात के चलते बाढ़ आने चेतावनी जारी कर दी है।
शनिवार रात को ओडिशा के तट से टकराए तूफान फैलिन का भीषण रूप आज सुबह रविवार तक कम होने लगा है। फैलिन की तीव्रता कम होने के बाद ओडिशा में होने वाले असल नुकसान का आकलन किया जा सकेगा।
फैलिन से कच्चे मकानों के गिरने और पेड़ों के उखड़ने से भारी नुकसान की आशंका है। पूरे भुवनेश्वर की बिजली शनिवार सुबह से ही गुल हो गई थी। जोकि अभी तक वापस नहीं आई है। मोबइल के जरिए होने वाले कम्युनिकेशन पर प्रभाव पड़ा है।
ओडिशा में पेड़ गिरने और दीवार ढहने से सात लोगों की मौत की खबर है। वहीं तेज हवाओं के चलते गोपालपुर में कई पेड़ गिर गए हैं। साथ ही घरों के शीशे टूट गए हैं। वहीं आंध्र प्रदेश में 30 लोगों के फंसे होने की खबर है।
मौसम विभाग के अनुसार फैलिन से प्रभावित इलाकों में कच्चे मकानों के गिरने और पेड़ों के उखड़ने से भारी नुकसान की आशंका है। बिजली और संचार के साधन भी बाधित हैं।
ओडिशा और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में अगले 36 घंटों में तेज़ बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं पर ये बारिश 25 सेंटीमीटर तक पड़ सकती है। पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में भी अगले 36 घंटों में तेज़ बारिश का अनुमान है।
फसल को नुकसान
बीबीसी के अनुसार, राजस्व विभाग के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि तूफ़ान की वजह से 20,000 एकड़ इलाके में काजू की फसल और 40,000 एकड़ में धान की फसल को नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय पत्रकार धनंजय आंध्र प्रदेश में फैलिन तूफ़ान से ज़्यादातर नुकसान श्रीकाकुलम ज़िले में हुआ है। तूफ़ान के चलते नारियल के पेड़ों और गन्ने की फ़सल को भारी नुकसान पहुंचा है।
सुबह रोशनी हुई तो चारों ओर तबाही का मंज़र दिखा। गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं और कच्चे घरों की टीन की छतें उड़ गई हैं।
ओडिशा के बेरहामपुर में तेज़ हवा अब भी चल रही है लेकिन उसका वेग और रफ़्तार कम हुई है।
ट्रेनें प्रभावित
मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार रात 200-230 किलोमीटर प्रति घंटा से चल रही हवा की गति रविवार रात तक धीमी होकर 35-55 किलोमीटर प्रति घंटा रह जाएगी।
मौसम विभाग की ओर से जारी की गई ताज़ा जानकारी के मुताबिक रविवार रात तक फैलिन तूफ़ान उत्तर और उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ेगा। जिस दौरान उसके कमज़ोर पड़ने की संभावना है।
फैलिन तूफ़ान के चलते पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में 186 से ज़्यादा ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।
मौसम विभाग के निदेशक एलएस राठौड़ के मुताबिक रविवार को ओडीशा में कमोबेश सभी जगह बारिश रहेगी जबकि आंध्र प्रदेश के उत्तर-पूर्वी तटीय इलाकों में बारिश होगी लेकिन ओडिशा की तुलना में यह कम रहेगी। ओडिशा का गंजम जिला सबसे ज़्यादा प्रभावित रहेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक तूफ़ान की तीव्रता को देखते हुए कच्चे घरों औऱ पुरानी इमारतों को भारी नुक़सान होने की आशंका है। बिजली और दूरसंचार की सेवाओं को बहाल होने में बहुत वक्त लग सकता है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष्ा राहुल गांधी ने कहा कि हमारी दुआएं ओडिशा और आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ हैं।
राहत
फैलिन तूफ़ान से लोग बचने की कोशिश कर रहे हैं। ओडीशा में लोगों को राहत शिविरों में ठहराया गया है।
केंद्रीय खाद्य मंत्री केवी थॉमस ने बताया कि मुताबिक पांच लाख टन अनाज चक्रवात से प्रभावित लोगों में बांटने के लिए तैयार रखा गया है।
तूफ़ान के कारण सड़कों को होने वाले नुकसान के मद्देनज़र सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ऑस्कर फर्नांडीज ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को ओडीशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में सड़कों के टूटने की स्थिति में मरम्मत कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
समुद्री तट से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित कोरापुट से सिबा प्रसाद प्रधान ने बीबीसी को बताया कि वहाँ हल्की बारिश हो रही है और हवाओं की गति अभी सामान्य है।
मौसम विभाग के महानिदेशक एलएस राठौर ने बताया है कि फैलिन कोस्टलाइन को क्रॉस कर गया है, गति 200-210 किलोमीटर प्रति घंटा है। लेकिन यह धीरे धीरे 235 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकता है।
सड़कें टूटीं
आंध्र प्रदेश से स्थानीय पत्रकार धनंजय का कहना है कि भीषण चक्रवात और बारिश के कारण कई जगह सड़कें टूट गईं और ज़मीन धँस गई। गोपालपुर में तेज़ हवाएं चल रही हैं और बारिश हो रही है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों ख़ासकर श्रीकाकुलम में पेड़ों और बिजली के खंभों के गिरने से पूरा शहर अँधेरे में है।
कटक से वरिष्ठ पत्रकार दीपक सामंत राय ने बताया, "यहाँ नज़ारा बहुत ख़राब है। कटक गोपालपुर से करीब 170 किलोमीटर दूर है, लेकिन चक्रवात का असर यहाँ भी महसूस किया जा रहा है। यहाँ कोलकाता की तरह ही दुर्गा पूजा उत्सव मनाया जाता है लेकिन आज पूरे शहर में सन्नाटा है और अँधेरा छाया हुआ है। लोगों के मन में बहुत डर और आशंका है।"
आंध्र प्रदेश से स्थानीय पत्रकार धनंजय के मुताबिक स्थानीय राजस्व अधिकारियों ने बताया है कि श्रीकाकुलम ज़िले के क़रीब 240 गाँव निचले क्षेत्रों में हैं। कलिंगापट्टनम और बरुवा के क़रीब बीस गाँवों में समुद्री पानी भर गया है।
लोगों को सुरक्षित इलाक़े में पहुँचाया
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के डिप्टी कलेक्टर सौरभ गौड़ ने बीबीसी को बताया कि हमारे जिले में प्रभाव काफ़ी ज़्यादा है। हमने दोपहर तीन बजे तक करीब 65 हज़ार लोगों को सुरक्षित इलाक़े में पहुँचाया था। कई स्थानों पर लोगों ने घर छोड़ने का विरोध किया तो हमें पुलिस बल और आरपीएफ़ का इस्तेमाल करना पड़ा। एनडीआरएफ़ की पाँच टीमें श्रीकाकुलम में तैनात हैं और पाँच टीमें पहुँच रही हैं। तूफ़ान ने श्रीकाकुलम के तट पर दस्तक दे दी है। यहाँ बारिश बहुत तेज़ हो रही है।
भुवनेश्वर से स्थानीय पत्रकार संदीप साहू का कहना है कि इस बार सरकार की तैयारी 1999 के तूफ़ान के मुक़ाबले बहुत बेहतर है। इस बार लोग भी ज़्यादा सतर्क हैं। हालांकि पिछली बार भी चेतावनी दी गई थी लेकिन लोगों ने इसे नज़रअंदाज़ कर दिया था।
ख़ासकर जगतसिंहपुर के इलाक़ों में लोगों ने अपने घर छोड़ने से इंकार कर दिया था और इसी ज़िले में छह हज़ार से अधिक लोग मारे गए थे। इस बार लोग चेतावनियों को गंभीरता से ले रहे हैं। इस बार कई साइक्लोन सेंटर समूचे तटवर्ती इलाक़े में बनाए गए हैं। तट से पाँच किलोमीटर तक के इलाक़ों को पूरी तरह ख़ाली करा लिया गया है।
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्रीकांत जेना ने बीबीसी को बताया कि भुवनेश्वर में बहुत तेज़ बारिश हो रही है और हवा की गति सौ किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक है। उन्होंने कहा कि वो गोपालपुर से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हो नहीं पा रहा है।
अभिनेता अनुपम खेर ने ट्विटर पर लिखा है, ''मैं ओडीशा और आंध्र प्रदेश के लोगों के लिए प्रार्थना कर रहा हूं।''
प्रधानमंत्री ने लिया स्थिति का जायजा
प्रधानमंत्री ने सभी प्रभावित राज्यों को मदद देने के निर्देश दिए हैं। विदेश दौरे से लौटने के बाद प्रधानमंत्री ने तुरंत स्थिति का जायज़ा लिया है। कैबिनेट सचिव ने उन्हें तूफ़ान से निपटने के लिए किए गए इंतज़ामों के बारे में जानकारी दी है।
कई जानी मानी हस्तियाँ भी तूफ़ान के बारे में सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दे रही हैं। अभिनेता शाहिद कपूर ने ट्विटर पर लिखा है, ''जो लोग तूफ़ान प्रभावित इलाक़ों में हैं उनके लिए हम दुआ करते हैं।''
आंध्र प्रदेश में स्थानीय पत्रकार धनंजय का कहना है कि विसाखा, भीमली, कलिंगापट्टनम और गंगावरम के बंदरगाहों पर तूफ़ान की चेतावनी के संकेत संख्या आठ जारी कर दिए गए हैं।
वहीं भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक लक्ष्मण सिंह के अनुसार पहले बिहार के मैदानी भागों में बारिश होगी। साथ ही बिहार में आईएमडी ने फैलिन चक्रवात के चलते बाढ़ आने चेतावनी जारी कर दी है।
शनिवार रात को ओडिशा के तट से टकराए तूफान फैलिन का भीषण रूप आज सुबह रविवार तक कम होने लगा है। फैलिन की तीव्रता कम होने के बाद ओडिशा में होने वाले असल नुकसान का आकलन किया जा सकेगा।
फैलिन से कच्चे मकानों के गिरने और पेड़ों के उखड़ने से भारी नुकसान की आशंका है। पूरे भुवनेश्वर की बिजली शनिवार सुबह से ही गुल हो गई थी। जोकि अभी तक वापस नहीं आई है। मोबइल के जरिए होने वाले कम्युनिकेशन पर प्रभाव पड़ा है।
ओडिशा में पेड़ गिरने और दीवार ढहने से सात लोगों की मौत की खबर है। वहीं तेज हवाओं के चलते गोपालपुर में कई पेड़ गिर गए हैं। साथ ही घरों के शीशे टूट गए हैं। वहीं आंध्र प्रदेश में 30 लोगों के फंसे होने की खबर है।
ओडिशा-आंध्र में फैलिन का कहर, 7 मरे, 30 फंसे
मौसम विभाग के अनुसार फैलिन से प्रभावित इलाकों में कच्चे मकानों के गिरने और पेड़ों के उखड़ने से भारी नुकसान की आशंका है। बिजली और संचार के साधन भी बाधित हैं।
ओडिशा और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में अगले 36 घंटों में तेज़ बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं पर ये बारिश 25 सेंटीमीटर तक पड़ सकती है। पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में भी अगले 36 घंटों में तेज़ बारिश का अनुमान है।
फसल को नुकसान
बीबीसी के अनुसार, राजस्व विभाग के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि तूफ़ान की वजह से 20,000 एकड़ इलाके में काजू की फसल और 40,000 एकड़ में धान की फसल को नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय पत्रकार धनंजय आंध्र प्रदेश में फैलिन तूफ़ान से ज़्यादातर नुकसान श्रीकाकुलम ज़िले में हुआ है। तूफ़ान के चलते नारियल के पेड़ों और गन्ने की फ़सल को भारी नुकसान पहुंचा है।
सुबह रोशनी हुई तो चारों ओर तबाही का मंज़र दिखा। गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं और कच्चे घरों की टीन की छतें उड़ गई हैं।
ओडिशा के बेरहामपुर में तेज़ हवा अब भी चल रही है लेकिन उसका वेग और रफ़्तार कम हुई है।
ट्रेनें प्रभावित
मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार रात 200-230 किलोमीटर प्रति घंटा से चल रही हवा की गति रविवार रात तक धीमी होकर 35-55 किलोमीटर प्रति घंटा रह जाएगी।
सबसे भीषण तूफान, भारत के आधे हिस्से के बराबर आकार
मौसम विभाग की ओर से जारी की गई ताज़ा जानकारी के मुताबिक रविवार रात तक फैलिन तूफ़ान उत्तर और उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ेगा। जिस दौरान उसके कमज़ोर पड़ने की संभावना है।
फैलिन तूफ़ान के चलते पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में 186 से ज़्यादा ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।
मौसम विभाग के निदेशक एलएस राठौड़ के मुताबिक रविवार को ओडीशा में कमोबेश सभी जगह बारिश रहेगी जबकि आंध्र प्रदेश के उत्तर-पूर्वी तटीय इलाकों में बारिश होगी लेकिन ओडिशा की तुलना में यह कम रहेगी। ओडिशा का गंजम जिला सबसे ज़्यादा प्रभावित रहेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक तूफ़ान की तीव्रता को देखते हुए कच्चे घरों औऱ पुरानी इमारतों को भारी नुक़सान होने की आशंका है। बिजली और दूरसंचार की सेवाओं को बहाल होने में बहुत वक्त लग सकता है।
पूरे यूपी में दिखेगा फैलिन का प्रकोप, अलर्ट जारी
कांग्रेस उपाध्यक्ष्ा राहुल गांधी ने कहा कि हमारी दुआएं ओडिशा और आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ हैं।
राहत
फैलिन तूफ़ान से लोग बचने की कोशिश कर रहे हैं। ओडीशा में लोगों को राहत शिविरों में ठहराया गया है।
केंद्रीय खाद्य मंत्री केवी थॉमस ने बताया कि मुताबिक पांच लाख टन अनाज चक्रवात से प्रभावित लोगों में बांटने के लिए तैयार रखा गया है।
तूफ़ान के कारण सड़कों को होने वाले नुकसान के मद्देनज़र सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ऑस्कर फर्नांडीज ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को ओडीशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में सड़कों के टूटने की स्थिति में मरम्मत कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
समुद्री तट से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित कोरापुट से सिबा प्रसाद प्रधान ने बीबीसी को बताया कि वहाँ हल्की बारिश हो रही है और हवाओं की गति अभी सामान्य है।
आखिर यह फैलिन है क्या बला?
मौसम विभाग के महानिदेशक एलएस राठौर ने बताया है कि फैलिन कोस्टलाइन को क्रॉस कर गया है, गति 200-210 किलोमीटर प्रति घंटा है। लेकिन यह धीरे धीरे 235 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकता है।
सड़कें टूटीं
आंध्र प्रदेश से स्थानीय पत्रकार धनंजय का कहना है कि भीषण चक्रवात और बारिश के कारण कई जगह सड़कें टूट गईं और ज़मीन धँस गई। गोपालपुर में तेज़ हवाएं चल रही हैं और बारिश हो रही है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों ख़ासकर श्रीकाकुलम में पेड़ों और बिजली के खंभों के गिरने से पूरा शहर अँधेरे में है।
कटक से वरिष्ठ पत्रकार दीपक सामंत राय ने बताया, "यहाँ नज़ारा बहुत ख़राब है। कटक गोपालपुर से करीब 170 किलोमीटर दूर है, लेकिन चक्रवात का असर यहाँ भी महसूस किया जा रहा है। यहाँ कोलकाता की तरह ही दुर्गा पूजा उत्सव मनाया जाता है लेकिन आज पूरे शहर में सन्नाटा है और अँधेरा छाया हुआ है। लोगों के मन में बहुत डर और आशंका है।"
आंध्र प्रदेश से स्थानीय पत्रकार धनंजय के मुताबिक स्थानीय राजस्व अधिकारियों ने बताया है कि श्रीकाकुलम ज़िले के क़रीब 240 गाँव निचले क्षेत्रों में हैं। कलिंगापट्टनम और बरुवा के क़रीब बीस गाँवों में समुद्री पानी भर गया है।
लोगों को सुरक्षित इलाक़े में पहुँचाया
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के डिप्टी कलेक्टर सौरभ गौड़ ने बीबीसी को बताया कि हमारे जिले में प्रभाव काफ़ी ज़्यादा है। हमने दोपहर तीन बजे तक करीब 65 हज़ार लोगों को सुरक्षित इलाक़े में पहुँचाया था। कई स्थानों पर लोगों ने घर छोड़ने का विरोध किया तो हमें पुलिस बल और आरपीएफ़ का इस्तेमाल करना पड़ा। एनडीआरएफ़ की पाँच टीमें श्रीकाकुलम में तैनात हैं और पाँच टीमें पहुँच रही हैं। तूफ़ान ने श्रीकाकुलम के तट पर दस्तक दे दी है। यहाँ बारिश बहुत तेज़ हो रही है।
भुवनेश्वर से स्थानीय पत्रकार संदीप साहू का कहना है कि इस बार सरकार की तैयारी 1999 के तूफ़ान के मुक़ाबले बहुत बेहतर है। इस बार लोग भी ज़्यादा सतर्क हैं। हालांकि पिछली बार भी चेतावनी दी गई थी लेकिन लोगों ने इसे नज़रअंदाज़ कर दिया था।
ख़ासकर जगतसिंहपुर के इलाक़ों में लोगों ने अपने घर छोड़ने से इंकार कर दिया था और इसी ज़िले में छह हज़ार से अधिक लोग मारे गए थे। इस बार लोग चेतावनियों को गंभीरता से ले रहे हैं। इस बार कई साइक्लोन सेंटर समूचे तटवर्ती इलाक़े में बनाए गए हैं। तट से पाँच किलोमीटर तक के इलाक़ों को पूरी तरह ख़ाली करा लिया गया है।
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्रीकांत जेना ने बीबीसी को बताया कि भुवनेश्वर में बहुत तेज़ बारिश हो रही है और हवा की गति सौ किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक है। उन्होंने कहा कि वो गोपालपुर से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हो नहीं पा रहा है।
अभिनेता अनुपम खेर ने ट्विटर पर लिखा है, ''मैं ओडीशा और आंध्र प्रदेश के लोगों के लिए प्रार्थना कर रहा हूं।''
प्रधानमंत्री ने लिया स्थिति का जायजा
प्रधानमंत्री ने सभी प्रभावित राज्यों को मदद देने के निर्देश दिए हैं। विदेश दौरे से लौटने के बाद प्रधानमंत्री ने तुरंत स्थिति का जायज़ा लिया है। कैबिनेट सचिव ने उन्हें तूफ़ान से निपटने के लिए किए गए इंतज़ामों के बारे में जानकारी दी है।
कई जानी मानी हस्तियाँ भी तूफ़ान के बारे में सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दे रही हैं। अभिनेता शाहिद कपूर ने ट्विटर पर लिखा है, ''जो लोग तूफ़ान प्रभावित इलाक़ों में हैं उनके लिए हम दुआ करते हैं।''
आंध्र प्रदेश में स्थानीय पत्रकार धनंजय का कहना है कि विसाखा, भीमली, कलिंगापट्टनम और गंगावरम के बंदरगाहों पर तूफ़ान की चेतावनी के संकेत संख्या आठ जारी कर दिए गए हैं।
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