खजाने के सपने को लेकर चर्चा में आए संत शोभन सरकार और उनके शिष्य स्वामी
ओम जी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दोनों के खिलाफ समाज में अंधविश्वास
फैलाने का आरोप लगाते हुए एक अधिवक्ता ने वाराणसी में एसीजेएम षष्टम की
अदालत में परिवाद दाखिल किया है।
अदालत ने मामले में सुनवाई के लिए 11 नवंबर की तिथि निर्धारित की है।
डौंडिया खेड़ा में खजाने की खुदाई को लेकर लखनऊ में भी संत शोभन सरकार, ओम जी और केंद्रीय मंत्री चरण दास महंत के खिलाफ अंधविश्वास फैलाने की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग वाली अर्जी कोर्ट में दी गई है। सीजेएम की अदालत में सुनवाई 26 अक्तूबर को होगी।
वाराणसी में बड़ा लालपुर निवासी अधिवक्ता कमलेश चंद त्रिपाठी ने अदालत में अर्जी देकर कहा है कि 23 अक्तूबर की सुबह अखबारों से जानकारी मिली कि शोभन सरकार ने सपना देखा कि उन्नाव जिले के डौंडिया खेड़ा गांव में किले के नीचे एक हजार टन सोना है।
इसी आधार पर सोने के लिए वहां खुदाई की जा रही है। उनके सपने को सच साबित करने के लिए समाज के समक्ष अंधविश्वास फैलाया जा रहा है। कल यदि कोई दूसरे संत राष्ट्रीय धरोहर ताजमहल और लाल किले के नीचे खजाना होने का स्वप्न देखते हैं तो क्या प्रशासन उन राष्ट्रीय धरोहरों को भी क्षति पहुंचाएगा? ऐसी मनोवृत्ति से परिवादी को गंभीर आघात पहुंचा है। मामले में उन्होंने आरोपियों को धारा 295 ए और 298 में दंडित करने का अनुरोध किया।
वहीं, लखनऊ में चंदरनगर आलमबाग के रहने वाले विवेक मिश्रा ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला है कि डौंडिया खेड़ा गांव में जमीन के अंदर सोना दबा हुआ है। कहा गया कि एक राजनीतिक पार्टी विशेष को बढ़ावा देने के लिए पुरातत्व मंत्री चरण दास महंत तथा शोभन सरकार केप्रवक्ता ने डौंडिया खेड़ा गांव में जमीन के नीचे सोना दबा होने की खबर फैलाकर अंधविश्वास को बढ़ावा दिया है।
अदालत ने मामले में सुनवाई के लिए 11 नवंबर की तिथि निर्धारित की है।
डौंडिया खेड़ा में खजाने की खुदाई को लेकर लखनऊ में भी संत शोभन सरकार, ओम जी और केंद्रीय मंत्री चरण दास महंत के खिलाफ अंधविश्वास फैलाने की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग वाली अर्जी कोर्ट में दी गई है। सीजेएम की अदालत में सुनवाई 26 अक्तूबर को होगी।
वाराणसी में बड़ा लालपुर निवासी अधिवक्ता कमलेश चंद त्रिपाठी ने अदालत में अर्जी देकर कहा है कि 23 अक्तूबर की सुबह अखबारों से जानकारी मिली कि शोभन सरकार ने सपना देखा कि उन्नाव जिले के डौंडिया खेड़ा गांव में किले के नीचे एक हजार टन सोना है।
इसी आधार पर सोने के लिए वहां खुदाई की जा रही है। उनके सपने को सच साबित करने के लिए समाज के समक्ष अंधविश्वास फैलाया जा रहा है। कल यदि कोई दूसरे संत राष्ट्रीय धरोहर ताजमहल और लाल किले के नीचे खजाना होने का स्वप्न देखते हैं तो क्या प्रशासन उन राष्ट्रीय धरोहरों को भी क्षति पहुंचाएगा? ऐसी मनोवृत्ति से परिवादी को गंभीर आघात पहुंचा है। मामले में उन्होंने आरोपियों को धारा 295 ए और 298 में दंडित करने का अनुरोध किया।
वहीं, लखनऊ में चंदरनगर आलमबाग के रहने वाले विवेक मिश्रा ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला है कि डौंडिया खेड़ा गांव में जमीन के अंदर सोना दबा हुआ है। कहा गया कि एक राजनीतिक पार्टी विशेष को बढ़ावा देने के लिए पुरातत्व मंत्री चरण दास महंत तथा शोभन सरकार केप्रवक्ता ने डौंडिया खेड़ा गांव में जमीन के नीचे सोना दबा होने की खबर फैलाकर अंधविश्वास को बढ़ावा दिया है।
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