Thursday, 31 October 2013

बीएसएफ और पाक रेंजरों के बीच मीटिंग, लिया अहम फैसला

भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जीरो लाइन के पास खेतीबाड़ी करने वाले किसान अब बिना किसी डर के अपनी फसल काट सकेंगे।

सीमा पर संघर्ष विराम उल्लंघन पर मंगलवार को बीएसएफ और पाक रेंजरों के उच्च अधिकारियों के बीच तीन घंटे तक चली फ्लैग मीटिंग में यह फैसला लिया गया।

बैठक में सुरक्षा बल के अधिकारियों ने भारतीय क्षेत्र में फायरिंग पर ऐतराज जताया। तारबंदी के दायरे में खड़ी दोनों के देशों की फसल की कटाई के बारे में भी मीटिंग में विशेष रूप से चर्चा की गई।

दोनों देशों में तनाव को देखते हुए यह फ्लैग मीटिंग भारत की आकट्राय और पाक रेंजरों की इनिआत पोस्ट के बीच जीरो लाइन पर हुई।

पाक अधिकारियों पर संघर्ष विराम बनाए रखने का दबाव बनाते हुए भारतीय अधिकारियों ने कहा कि इससे सीमांत क्षेत्र के ग्रामीण बड़े स्तर पर प्रभावित हो रहे हैं।

इस पर पाकिस्तानी अधिकारियों ने बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई पर ऐतराज जताया और कहा कि उनकी गोलाबारी से उसके क्षेत्र में भी किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। पड़ोसी देश ने नुकसान का आंकड़ा भी पेश किया।

वहीं मीटिंग के बाद आरएस पुरा सेक्टर के डीआईजी जेएस सिंगला ने बताया कि तारबंदी के आगे फसल को काटने बारे में भी दोनों देशों में सहमति बनी है। फ्लैग मीटिंग में पाक 12 चिनाब के ब्रिगेडियर मतीन के नेतृत्व में 15 अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बीएसएफ की ओर से डीआईजी सिंगला सहित डीआईजी धर्मेंद्र पारिख, डीआईजी वीरेंद्र सिंह, 94वीं वाहिनी के कमांडेंट जीएस धालीवाल, 193वीं वाहिनी के कमांडेंट नीरज दुबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सेना और पुलिस ने शैल निष्क्रिय किए
पाकिस्तानी रेंजरों की ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चलाए गए मोर्टार और रॉकेट शैल को सेना और पुलिस ने संयुक्त अभियान में निष्क्रिय किया। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार नष्ट किए गए 50-60 शैल पाकिस्तान की ओर से सांबा, कठुआ और अखनूर सेक्टर में की गई गोलाबारी के दौरान फट नहीं सके थे और खेतों में पड़े मिले।

पाकिस्तानी सेना ने बालाकोट सेक्टर में फायरिंग की
पाकिस्तानी सेना ने कुछ दिनों की चुप्पी के बाद मंगलवार को एक बार फिर दुस्साहस किया। सीजफायर का उल्लंघन करते हुए बालाकोट सेक्टर के कागा और दटोट नाला क्षेत्रों में फायरिंग की। इस दौरान भारत की अग्रिम चौकियों को भी निशाना बनाया।

सीमापार की हरकत का भारतीय जवानों ने भी करारा जवाब दिया। इसके बाद फायरिंग बंद हो गई। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास दो बम फट गए। बताया जाता है कि पिछले 15 दिनों से सीमा पर हो रही गोलाबारी के दौरान उक्त बम फटे नहीं थे और वहां गिरे हुए थे।

बेली अजमत और गोले पट्टन पोस्ट के पास फटे बम से किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है।

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