Thursday, 31 October 2013

क्यूबा में भारत का मतलब इंदिरा गांधी

भारत से हजारों मील दूर अटलांटिक महासागर की गोद में बसे कैरिबियाई देश क्यूबा में भले ही बमुश्किल नाममात्र के भारतीय रहते हैं लेकिन भारत और भारतीयों से क्यूबा के लोग अच्छी तरह वाकिफ हैं।

यहां भारत की पहचान का मतलब है इंदिरा गांधी।

अपनी पेरू यात्रा पूरी करके जब उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी हवाना के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरे तो उनका स्वागत प्रोटोकोल की औपचारिकता से ज्यादा एक अपने की अगवानी जैसा था।

ऐसा लगा कि उपराष्ट्रपति किसी दूसरे देश नहीं बल्कि अपने लोगों के बीच आए हैं।

हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के आए क्यूबा के अधिकारियों से बात करने पर सबसे पहले इंदिरा गांधी का ही नाम उनकी जुबान पर आता है।

दुभाषिए का काम कर रही लिजबैथ कहती हैं कि क्यूबा में कसी भी विदेशी नेता की तुलना में इंदिरा गांधी सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं।

सड़क पर क्यूबाई किसी भी भारतीय को देखते ही इंडियन-इंडियन कह कर उसके पास आ जाते हैं। अपनी भाषा में बात करने की कोशिश करते हैं।

इंडिया के बारे में पूछने पर कहते हैं कंट्री ऑफ इंदिरा गांधी। इसके बाद महात्मा गांधी का नाम लेते हैं। महात्मा गांधी और रवींद्र नाथ टैगोर की प्रतिमा भी यहां लगी है।

पुराने विचार, पुरानी कारें

क्यूबा में अब भी पुराने विचारों और पुरानी कारों का बोलबाला है। क्यूबा का अमेरिका विरोध अभी भी 70-80 के दशक जैसा ही है।

यहां एक अमेरिका विरोधी चौक है, जहां क्यूबा के नागरिक जमा होकर अपना अमेरिका विरोध प्रकट करते हैं। इसे एंटी अमेरिका प्रोटेस्ट स्कवॉयर कहा जाता है जो अटलांटिक महासागर के किनारे उस जगह है जहां से अमेरिका का फ्लोरिडा सिर्फ 90 किलोमीटर की दूरी पर है।

क्यूबा में इतनी पुरानी कारें चल रही हैं, जिनके मॉडल अब दुनिया से गायब हो गए हैं। इनका इस्तेमाल ज्यादातर टैक्सी के लिए होता है।

कुछ पुरानी कारें आम लोगों के पास भी है। इनकी हालात भी भीतर बाहर से बेहद खस्ता है। लेकिन क्यूबा के लोग बड़े मजे से इनकी सवारी करते हैं।

भारत के विकास मॉडल से प्रभावित
अमेरिका के बेहद करीब होने के बावजूद क्यूबा अमेरिकी विकास मॉडल की जगह भारत के विकास मॉडल को ज्यादा बेहतर मानता है।

उपराष्ट्रपति की यात्रा के दौरान भारत के साथ होने वाले समझौतों में क्यूबा ज्यादा सहयोग की अपेक्षा रखता है।

भारत और क्यूबा के बीच रिश्ते की गर्मजोशी हामिद अंसारी और क्यूबा के राष्ट्रपति रॉनेल कास्‍त्रो के बीच भी दिखी। रॉनेल कास्त्रो के साथ मीटिंग की अवधि 35 मिनट के लिए निर्धारित थी। लेकिन यह बैठक एक घंटे 35 मिनट तक चलती रही।

कास्त्रो सबसे लोकप्रिय

आधुनिक क्यूबा के संस्थापक और पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो हालांकि बेहद उम्रदराज और बीमार हैं। लेकिन आम क्यूबाई के बीच कास्त्रो अब भी बेहद लोकप्रिय हैं। लोग उनका नाम आदर से लेते हैं।

कास्त्रो के भाई राउल कास्त्रो अब क्यूबा के राष्ट्रपति हैं और वह उन्हीं नीतियों पर चल रहे हैं जो फिदेल कास्त्रो ने शुरू की थीं।

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