उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में शाहपुर के कुटबा गांव में बृहस्पतिवार रात
एसपी एचएन सिंह के नेतृत्व में दंगे के आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची
पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया।
पुलिस की गाड़ी के शीशे तोड़ कर हिरासत में लिए गए एक आरोपी को छुड़ा लिया। इससे पहले ग्रामीणों और पुलिस में कई सौ राउंड गोलियां चलीं। सीओ बुढ़ाना शैलेंद्र लाल ने घटना की पुष्टि की है।
बृहस्पतिवार रात लगभग दस बजे पुलिस का करीब 35 गाड़ियों का काफिला कुटबा में दबिश के लिए पहुंचा था। इस बीच किसी ने गांव में बदमाश घुस आने का शोर मचा दिया। इसके बाद गांव में फायरिंग शुरू हो गई। लोग मकानों की छतों पर चढ़ गए।
सायरन बजाने पर लोगों को पुलिस के आने का पता चला। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लेकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसका पता चलते ही ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। पुलिस को जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा।
इसलिए पुलिस खाली हाथ लौट आई। इसके बाद पुलिस टीम शाहपुर थाने पहुंच गई। देर रात गिरफ्तारियों को लेकर थाने पर कार्ययोजना तैयार की जा रही थी। दबिश देने गई पुलिस टीम एसएसपी हरि नारायण सिंह, एसपी देहात आलोक प्रियदर्शी समेत करीब सौ से अधिक जवान शामिल थे।
पुलिस की गाड़ी के शीशे तोड़ कर हिरासत में लिए गए एक आरोपी को छुड़ा लिया। इससे पहले ग्रामीणों और पुलिस में कई सौ राउंड गोलियां चलीं। सीओ बुढ़ाना शैलेंद्र लाल ने घटना की पुष्टि की है।
बृहस्पतिवार रात लगभग दस बजे पुलिस का करीब 35 गाड़ियों का काफिला कुटबा में दबिश के लिए पहुंचा था। इस बीच किसी ने गांव में बदमाश घुस आने का शोर मचा दिया। इसके बाद गांव में फायरिंग शुरू हो गई। लोग मकानों की छतों पर चढ़ गए।
सायरन बजाने पर लोगों को पुलिस के आने का पता चला। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लेकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसका पता चलते ही ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। पुलिस को जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा।
इसलिए पुलिस खाली हाथ लौट आई। इसके बाद पुलिस टीम शाहपुर थाने पहुंच गई। देर रात गिरफ्तारियों को लेकर थाने पर कार्ययोजना तैयार की जा रही थी। दबिश देने गई पुलिस टीम एसएसपी हरि नारायण सिंह, एसपी देहात आलोक प्रियदर्शी समेत करीब सौ से अधिक जवान शामिल थे।
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