उत्तर प्रदेश में उन्नाव के डौडिया खेड़ा के राव रामबक्स सिंह के किले में
एक हजार टन सोना दबे होने के दावे के बाद तमाशबीनों की भीड़ बढ़ने लगी है।
खुदाई स्थल पर मीडिया का भी जमावड़ा हो गया है। इससे किले की साफ-सफाई का कार्य बाधित हो रहा है। इसको लेकर थानाध्यक्ष ने पीएसी तैनात करने की मांग की है। उधर, जिलाधिकारी ने कहा है कि एएसआई टीम से वार्ता के बाद ही खुदाई तिथि तय होगी।
इस बीच, बुधवार को संत शोभन सरकार ने प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री, रिजर्व बैंक के गवर्नर आदि को पत्र भेज कर फतेहपुर के आदमपुर में खुदाई के लिए दस लाख रुपये देने की पेशकश की है। उन्होंने दावा किया कि वहां भी 2500 टन स्वर्ण भंडार दबा है।
तमाशबीनों की भीड़ बढ़ने से सफाई कार्य में देर हो रही है। बारासगवर थानाध्यक्ष ने प्रशासन से और अधिक पुलिस फोर्स के साथ वहां पीएसी भी तैनात करने की मांग की है।
सुबह से देर शाम तक महिलाओं समेत पांच सौ से ज्यादा तमाशबीन रोजाना पहुंच रहे हैं। जिससे चिह्नित पत्थर इधर-उधर हो जा रहे हैं। बुधवार को एक विदेशी काफी देर तक किला परिसर और आसपास घूमता रहा।

सूत्रों का कहना है कि खुदाई के दौरान खजाने तक पहुंचने में एक-दो दिन देर हो सकती है क्योंकि भारतीय पुरातत्व विभाग अपने परंपरागत संसाधनों गैंती, कैंची, कुदाली आदि से ही काम को अंजाम देगा।
खजाने के चिन्हित स्थान से 120 वर्ग मीटर के दायरे में 80 मीटर पूरब-पश्चिम और 40 मीटर उत्तर-दक्षिण में खुदाई की जाएगी। डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि 18 अक्तूबर को एएसआई टीम के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच जाएंगे। उनसे विमर्श के बाद ही खुदाई की तिथि तय हो सकती है।
सोना नहीं मिले तो चलाना देशद्रोह का मामला
बुधवार को संत शोभन सरकार ने प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री, रिजर्व बैंक गवर्नर आदि को पत्र भेज कर फतेहपुर के आदमपुर में भी शीघ्र खुदाई का आग्रह करते हुए दस लाख रुपये मदद की पेशकश की है।
उन्होंने दावा किया है कि वहां 2500 टन स्वर्ण भंडार दबा पड़ा है।
शिष्य राजेंद्र तिवारी के मुताबिक संत के गुरु भाष्करानंद के आदेश के बाद स्वर्ण भंडार की बात सरकार को बताई गई थी। शोभन सरकार यहां तक कह चुके हैं कि खजाना न मिले तो उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करा दिया जाए।
खुदाई स्थल पर मीडिया का भी जमावड़ा हो गया है। इससे किले की साफ-सफाई का कार्य बाधित हो रहा है। इसको लेकर थानाध्यक्ष ने पीएसी तैनात करने की मांग की है। उधर, जिलाधिकारी ने कहा है कि एएसआई टीम से वार्ता के बाद ही खुदाई तिथि तय होगी।
इस बीच, बुधवार को संत शोभन सरकार ने प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री, रिजर्व बैंक के गवर्नर आदि को पत्र भेज कर फतेहपुर के आदमपुर में खुदाई के लिए दस लाख रुपये देने की पेशकश की है। उन्होंने दावा किया कि वहां भी 2500 टन स्वर्ण भंडार दबा है।
तमाशबीनों की भीड़ बढ़ने से सफाई कार्य में देर हो रही है। बारासगवर थानाध्यक्ष ने प्रशासन से और अधिक पुलिस फोर्स के साथ वहां पीएसी भी तैनात करने की मांग की है।
सुबह से देर शाम तक महिलाओं समेत पांच सौ से ज्यादा तमाशबीन रोजाना पहुंच रहे हैं। जिससे चिह्नित पत्थर इधर-उधर हो जा रहे हैं। बुधवार को एक विदेशी काफी देर तक किला परिसर और आसपास घूमता रहा।

सूत्रों का कहना है कि खुदाई के दौरान खजाने तक पहुंचने में एक-दो दिन देर हो सकती है क्योंकि भारतीय पुरातत्व विभाग अपने परंपरागत संसाधनों गैंती, कैंची, कुदाली आदि से ही काम को अंजाम देगा।
खजाने के चिन्हित स्थान से 120 वर्ग मीटर के दायरे में 80 मीटर पूरब-पश्चिम और 40 मीटर उत्तर-दक्षिण में खुदाई की जाएगी। डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि 18 अक्तूबर को एएसआई टीम के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच जाएंगे। उनसे विमर्श के बाद ही खुदाई की तिथि तय हो सकती है।
सोना नहीं मिले तो चलाना देशद्रोह का मामला
बुधवार को संत शोभन सरकार ने प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री, रिजर्व बैंक गवर्नर आदि को पत्र भेज कर फतेहपुर के आदमपुर में भी शीघ्र खुदाई का आग्रह करते हुए दस लाख रुपये मदद की पेशकश की है।
उन्होंने दावा किया है कि वहां 2500 टन स्वर्ण भंडार दबा पड़ा है।
शिष्य राजेंद्र तिवारी के मुताबिक संत के गुरु भाष्करानंद के आदेश के बाद स्वर्ण भंडार की बात सरकार को बताई गई थी। शोभन सरकार यहां तक कह चुके हैं कि खजाना न मिले तो उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करा दिया जाए।
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