उन्नाव के किले में जारी खजाने की खुदाई में कुछ मिले न मिले, बीमा
एजेंटों के हाथ मुनाफे की चाबी लग गई है। उन्हें ग्रामीणों में नए-नए
ग्राहक दिख रहे हैं।
स्वर्ण भंडार मिलने और जमीन अधिग्रहण में करोड़ रुपये पाने का ख्वाब दिखाने वाले बीमा कंपनियों के एजेंट हरकत में आ गए हैं। कोई रिश्तेदारी जोड़कर तो कोई दोस्ती का वास्ता देकर लोगों को समझाने में जुट गया है।
सभी सोना भंडार निकलने पर मिलने वाले रुपयों और बीमा से होने वाले फायदों की जानकारी दे रहे हैं।
तो धरोहर बनेगा किला?
किला यदि ऐतिहासिक धरोहर बनेगा तो आसपास का काफी विकास होगा। प्रदेश सरकार के 3.50 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार से बाद में मिलने वाले रुपयों से डौंडिया खेड़ा की तकदीर ही बदल जाएगी।
पर्यटन स्थल बनने के बाद सड़कों से लेकर बिजली और ठहरने की व्यवस्था का भी प्रबंध हो जाएगा। कुछ ही दूरी पर चंडिका देवी का मंदिर होने के कारण इस स्थान पर आने वालों की संख्या में खुद ब खुद इजाफा होगा।
अब मंदिर तक बैरीकेडिंग
बाबू जी के शिवाला तक बैरीकेडिंग कराई जा रही है। किला और मंदिर परिसर के आसपास उगे बबूल के पेड़ों को काटा जा रहा है।
इधर, गांव वाले किला परिसर की ओर ज्यादा अंदर तक नहीं आ पाएं इसके लिए गांव के बाहर ही बैरीकेडिंग कराई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से ऐसा करना जरूरी है। नेटवर्क न मिलने से सभी परेशान डौंडिया खेड़ा में किला परिसर के आसपास के इलाके में बीएसएनएल को छोड़ सभी कंपनियों का नेटवर्क कमजोर है।
वहां तैनात पुलिसकर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वर्ण भंडार मिलने और जमीन अधिग्रहण में करोड़ रुपये पाने का ख्वाब दिखाने वाले बीमा कंपनियों के एजेंट हरकत में आ गए हैं। कोई रिश्तेदारी जोड़कर तो कोई दोस्ती का वास्ता देकर लोगों को समझाने में जुट गया है।
सभी सोना भंडार निकलने पर मिलने वाले रुपयों और बीमा से होने वाले फायदों की जानकारी दे रहे हैं।
तो धरोहर बनेगा किला?
किला यदि ऐतिहासिक धरोहर बनेगा तो आसपास का काफी विकास होगा। प्रदेश सरकार के 3.50 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार से बाद में मिलने वाले रुपयों से डौंडिया खेड़ा की तकदीर ही बदल जाएगी।
पर्यटन स्थल बनने के बाद सड़कों से लेकर बिजली और ठहरने की व्यवस्था का भी प्रबंध हो जाएगा। कुछ ही दूरी पर चंडिका देवी का मंदिर होने के कारण इस स्थान पर आने वालों की संख्या में खुद ब खुद इजाफा होगा।
अब मंदिर तक बैरीकेडिंग
बाबू जी के शिवाला तक बैरीकेडिंग कराई जा रही है। किला और मंदिर परिसर के आसपास उगे बबूल के पेड़ों को काटा जा रहा है।
इधर, गांव वाले किला परिसर की ओर ज्यादा अंदर तक नहीं आ पाएं इसके लिए गांव के बाहर ही बैरीकेडिंग कराई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से ऐसा करना जरूरी है। नेटवर्क न मिलने से सभी परेशान डौंडिया खेड़ा में किला परिसर के आसपास के इलाके में बीएसएनएल को छोड़ सभी कंपनियों का नेटवर्क कमजोर है।
वहां तैनात पुलिसकर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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