मोदी ने बहराइच में विजय शंखनाद रैली को संबोधित करते हुए सबसे पहले चिर-परिचित अंदाज में भारत मां के जयकारे लगाए।
उसके बाद उन्होंने कहा कि बहराइच से उनके राजनीतिक जीवन को नई दिशा मिली थी।
मोदी ने बताया कि ब्रह्मा की इस तपोभूमि पर ही भाजपा के संगठन महासचिव के रूप में उनका आखिरी कार्यक्रम हुआ था। उसके बाद ही उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री पद का दायित्व सौंपा गया था।
मुझे रोकना आसान नहीं
मोदी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तीन-तीन बार जब उन्हें मुंह की खानी पड़ी तो वे सीबीआई और इंडियन मुजाहिदीन का इस्तेमाल करने लगे। मोदी ने कहा, 'मैं उन्हें बात देना चाहता हूं कि मुझे रोकना आसान नहीं। मैं दूसरी मिट्टी की पैदावार हूं। बंदूक, बम और पिस्तौल से मुझे रोका नहीं जा सकता।'
मोदी ने यूपी के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा। हालांकि, अखिलेश को ललकारने की बजाए मोदी ने उनकी खिल्ली उड़ाई।
'काश, अखिलेश मुझसे कुछ और मांगते'मोदी ने कहा, 'आपके युवा मुख्यमंत्री ने मुझसे लॉयन मांगे। मैंने दे दिए, लेकिन मुझे उनकी समझ पर तरस आया कि वे मुझे गीर गाय या बिजली मांगते तो भी मैं दे सकता था। लेकिन, उन्हें तो लॉयन से लगाव है। उनसे पहले जो मुख्यमंत्री थीं उन्हें हाथियों से प्यार था।'
मोदी ने कहा कि सपा और बसपा को प्रदेश की जनता से कोई लगाव नहीं है। सबको सिर्फ पैसे की जरूरता है। जनता के रोजगार और उसके विकास से कोई सरोकार नहीं।
आजम पर भी साधा निशाना
मोदी ने आजम खां को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कहा कि आजम और अखिलेश के इलाकों में बिजली पूरी रहती है, लेकिन यूपी में कहीं और उतनी बिजली नहीं आती। मोदी ने कहा कि सपा और बसपा दोनों ही पार्टियां केंद्र से विकास के लिए काफी कुछ मांग सकती हैं। लेकिन, दोनों ही पार्टियां सिर्फ सीबीआई से राहत मांगती हैं।
मोदी ने यह भी कहा कि अगर अकेला यूपी प्रगति करने लगे तो देश तरक्की कर सकता है। यूपी पूरे देश का भाग्यविधाता है।
यह भी पढ़ें: मोदी की रैली से पहले गोकशी पर बवाल
उन्होंने कहा कि राम, कृष्ण और तमाम ईश्वरों की इस धरती से मेरी यही प्रार्थना है कि एक बार नई ताकत बनकर उभरे और देश का भाग्य तय करे।
इसके पहले, राजनाथ सिंह ने रैली को संबोधित करते हुए मोदी के सबका यानी सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों ही पार्टियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तीनों ही दलों ने प्रदेश को निराश किया है।
राजनाथ ने कहा कि बहराइच का गौरवशाली इतिहास रहा है और प्राचीन काल से बहराइच सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण रहा है।
राजनाथ ने फैलाई झोली
उन्होंने सपा और बसपा पर आरोप लगाया कि दोनों ही पार्टियों ने बहराइच व आस पास के जिलों के विकास पर ध्यान नहीं दिया। राजनाथ ने जनता के सामने झोली भी फैलाई और कहा कि 1977 की तरह एक बार फिर जनता उन्हें यूपी में सभी 80 सीटों पर विजयी बनाए।
इसके पहले, बहराइच में उनका पुतला फूंककर सपा ने विरोध प्रदर्शन किया।
जिले के पीपल चौराहे पर सपा के पूर्व विधायक रामतेज यादव की अगुवाई में नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया गया और मोदी वापस जाओ के नारे लगाए गए।
हालांकि, मोदी की विजय शंखनाद रैली के लिए बहराइच को दुर्ग में तब्दील कर दिया गया है। प्रशासन ने मोदी की सुरक्षा के लिए बेहद कड़े इंतजाम किए हैं।
रैली स्थल से दो किलोमीटर पहले ही गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। रैली स्थल पर पहुंचना भी टेढ़ी खीर साबित हुआ।
उसके बाद उन्होंने कहा कि बहराइच से उनके राजनीतिक जीवन को नई दिशा मिली थी।
मोदी ने बताया कि ब्रह्मा की इस तपोभूमि पर ही भाजपा के संगठन महासचिव के रूप में उनका आखिरी कार्यक्रम हुआ था। उसके बाद ही उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री पद का दायित्व सौंपा गया था।
मुझे रोकना आसान नहीं
मोदी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तीन-तीन बार जब उन्हें मुंह की खानी पड़ी तो वे सीबीआई और इंडियन मुजाहिदीन का इस्तेमाल करने लगे। मोदी ने कहा, 'मैं उन्हें बात देना चाहता हूं कि मुझे रोकना आसान नहीं। मैं दूसरी मिट्टी की पैदावार हूं। बंदूक, बम और पिस्तौल से मुझे रोका नहीं जा सकता।'
मोदी ने यूपी के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा। हालांकि, अखिलेश को ललकारने की बजाए मोदी ने उनकी खिल्ली उड़ाई।
'काश, अखिलेश मुझसे कुछ और मांगते'मोदी ने कहा, 'आपके युवा मुख्यमंत्री ने मुझसे लॉयन मांगे। मैंने दे दिए, लेकिन मुझे उनकी समझ पर तरस आया कि वे मुझे गीर गाय या बिजली मांगते तो भी मैं दे सकता था। लेकिन, उन्हें तो लॉयन से लगाव है। उनसे पहले जो मुख्यमंत्री थीं उन्हें हाथियों से प्यार था।'
मोदी ने कहा कि सपा और बसपा को प्रदेश की जनता से कोई लगाव नहीं है। सबको सिर्फ पैसे की जरूरता है। जनता के रोजगार और उसके विकास से कोई सरोकार नहीं।
आजम पर भी साधा निशाना
मोदी ने आजम खां को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कहा कि आजम और अखिलेश के इलाकों में बिजली पूरी रहती है, लेकिन यूपी में कहीं और उतनी बिजली नहीं आती। मोदी ने कहा कि सपा और बसपा दोनों ही पार्टियां केंद्र से विकास के लिए काफी कुछ मांग सकती हैं। लेकिन, दोनों ही पार्टियां सिर्फ सीबीआई से राहत मांगती हैं।
मोदी ने यह भी कहा कि अगर अकेला यूपी प्रगति करने लगे तो देश तरक्की कर सकता है। यूपी पूरे देश का भाग्यविधाता है।
यह भी पढ़ें: मोदी की रैली से पहले गोकशी पर बवाल
उन्होंने कहा कि राम, कृष्ण और तमाम ईश्वरों की इस धरती से मेरी यही प्रार्थना है कि एक बार नई ताकत बनकर उभरे और देश का भाग्य तय करे।
इसके पहले, राजनाथ सिंह ने रैली को संबोधित करते हुए मोदी के सबका यानी सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों ही पार्टियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तीनों ही दलों ने प्रदेश को निराश किया है।
राजनाथ ने कहा कि बहराइच का गौरवशाली इतिहास रहा है और प्राचीन काल से बहराइच सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण रहा है।
राजनाथ ने फैलाई झोली
उन्होंने सपा और बसपा पर आरोप लगाया कि दोनों ही पार्टियों ने बहराइच व आस पास के जिलों के विकास पर ध्यान नहीं दिया। राजनाथ ने जनता के सामने झोली भी फैलाई और कहा कि 1977 की तरह एक बार फिर जनता उन्हें यूपी में सभी 80 सीटों पर विजयी बनाए।
इसके पहले, बहराइच में उनका पुतला फूंककर सपा ने विरोध प्रदर्शन किया।
जिले के पीपल चौराहे पर सपा के पूर्व विधायक रामतेज यादव की अगुवाई में नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया गया और मोदी वापस जाओ के नारे लगाए गए।
हालांकि, मोदी की विजय शंखनाद रैली के लिए बहराइच को दुर्ग में तब्दील कर दिया गया है। प्रशासन ने मोदी की सुरक्षा के लिए बेहद कड़े इंतजाम किए हैं।
रैली स्थल से दो किलोमीटर पहले ही गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। रैली स्थल पर पहुंचना भी टेढ़ी खीर साबित हुआ।
रैली में कलराज मिश्र, लालजी टंडन, यूपी बीजेपी अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी मौजूद रहे।
इस रैली से भाजपा को बहुत सी उम्मीदें हैं। लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश आएगा। उन्होंने तराई क्षेत्रों में अधिक सीटें जीतने की उम्मीद भी जताई है।
No comments:
Post a Comment