जम्मू के भगवती नगर स्थित आसाराम के आश्रम में तीन बच्चों को दफनाए जाने के आरोपों की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है।
शनिवार को पुलिस ने ऑल इंडिया किसान सेवा संघ के राज्य अध्यक्ष डॉ. राज कुमार चौधरी के बयान दर्ज किए।
चौधरी ने ही अदालत से गुहार लगाई थी कि भोलानंद के उस आरोप की जांच हो जिसमें उन्होंने जम्मू आश्रम में तीन बच्चों को संदिग्ध मौत के बाद दफनाए जाने का दावा किया था। भोलानंद उस समय आश्रम में ही थे।
पुलिस ने आश्रम में किसी भी तरह की छेड़छाड़ रोकने के लिए वीडियोग्राफी कराने का फैसला किया है। पुलिस ने भोलानंद से संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
भोलानंद ने शुक्रवार को अमर उजाला को बताया था कि वे मुंबई में हैं और जम्मू पुलिस को जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। राज कुमार चौधरी ने पुलिस को भोलानंद के इंटरव्यू की सीडी भी पेश की। पुलिस ने आश्रम के अंदर जांच शुरू नहीं की है।
डॉ. राज कुमार का कहना है कि भोलानंद के आरोप सही हो सकते हैं, क्योंकि वह जम्मू आश्रम में रहा है। एसएचओ जयपाल ने कहा कि पड़ताल शुरू कर दी गई है। तीन बच्चों को दफनाए जाने की बात है।
पुलिस सबसे पहले आश्रम की जमीन से छेड़छाड़ रोकने का काम करेगी। इस केस में भोलानंद की मौजूदगी अहम है। उनके बयान दर्ज करने के बाद ही जांच आगे बढ़ेगी। जरूरत पड़ने पर समन जारी किया जाएगा।
प्राथमिक जांच में पता चला कि भोला नंद जयपुर के नजदीक एक गांव का निवासी है। जम्मू आश्रम में वह डेढ़ साल तक रहा। जम्मू आश्रम को करीब तीन साल पहले छोड़ने के साथ ही उसने आसाराम का साथ भी छोड़ दिया था।
शनिवार को पुलिस ने ऑल इंडिया किसान सेवा संघ के राज्य अध्यक्ष डॉ. राज कुमार चौधरी के बयान दर्ज किए।
चौधरी ने ही अदालत से गुहार लगाई थी कि भोलानंद के उस आरोप की जांच हो जिसमें उन्होंने जम्मू आश्रम में तीन बच्चों को संदिग्ध मौत के बाद दफनाए जाने का दावा किया था। भोलानंद उस समय आश्रम में ही थे।
पुलिस ने आश्रम में किसी भी तरह की छेड़छाड़ रोकने के लिए वीडियोग्राफी कराने का फैसला किया है। पुलिस ने भोलानंद से संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
भोलानंद ने शुक्रवार को अमर उजाला को बताया था कि वे मुंबई में हैं और जम्मू पुलिस को जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। राज कुमार चौधरी ने पुलिस को भोलानंद के इंटरव्यू की सीडी भी पेश की। पुलिस ने आश्रम के अंदर जांच शुरू नहीं की है।
डॉ. राज कुमार का कहना है कि भोलानंद के आरोप सही हो सकते हैं, क्योंकि वह जम्मू आश्रम में रहा है। एसएचओ जयपाल ने कहा कि पड़ताल शुरू कर दी गई है। तीन बच्चों को दफनाए जाने की बात है।
पुलिस सबसे पहले आश्रम की जमीन से छेड़छाड़ रोकने का काम करेगी। इस केस में भोलानंद की मौजूदगी अहम है। उनके बयान दर्ज करने के बाद ही जांच आगे बढ़ेगी। जरूरत पड़ने पर समन जारी किया जाएगा।
प्राथमिक जांच में पता चला कि भोला नंद जयपुर के नजदीक एक गांव का निवासी है। जम्मू आश्रम में वह डेढ़ साल तक रहा। जम्मू आश्रम को करीब तीन साल पहले छोड़ने के साथ ही उसने आसाराम का साथ भी छोड़ दिया था।
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