पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रही फायरिंग का जवाब नहीं दे पाने पर जवानों में रोष है।
पाक की गोलाबारी में अपने एक साथी खो देने और सात जवानों समेत दर्जन भर लोगों के जख्मी होने पर पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा तो है ही साथ ही उन परिस्थितियों पर भी कोफ्त है, जिनमें उन्हें दुश्मनों का मुकाबला करना पड़ता है।
जवानों का दावा है कि अगर उन्हें सहूलियतें और अनुमति दे दी जाएं तो वे पलभर में पाकिस्तानी सेना के पोस्ट नेस्तनाबूद कर सकते हैं।
इसकी अनुमति नहीं मिलने से उनके लिए पोस्टों पर बने रहना भी मुश्किल हो रहा है। कुछ जवानों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें और उनके साथियों को इनसास और बरेटा जैसे हथियार थमाए गए हैं, जिनसे खुद की जान बचाना मुश्किल हो जाता है, तो ऐसे में वे देश की रक्षा कैसे कर सकते हैं।
जवानों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना जीरो लाइन पर पक्के मोर्चे लगा कर उन पर 82 एमएम की क्षमता वाले बम से हमला करते हैं, जबकि उन्हें 51 एमएम से ज्यादा क्षमता वाला बम चलाने की इजाजत नहीं है। रोजाना की फायरिंग को लेकर केंद्र कोई ठोस फैसला लेना चाहिए।
अगर आधुनिक और भारी हथियारों से पाकिस्तान पर हमला नहीं किया गया तो पाक अपनी हरकतों से बाज नहीं आएगा। भारतीय जवानों के पास पास भी 81 एमएम के बड़े बम हैं, लेकिन उन्हें चलाने के आदेश नहीं हैं।
मंगलवार की मध्यरात्रि को आरएस पुरा में फायरिंग में एक जवान शहीद हो गया था जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
पाक की गोलाबारी में अपने एक साथी खो देने और सात जवानों समेत दर्जन भर लोगों के जख्मी होने पर पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा तो है ही साथ ही उन परिस्थितियों पर भी कोफ्त है, जिनमें उन्हें दुश्मनों का मुकाबला करना पड़ता है।
जवानों का दावा है कि अगर उन्हें सहूलियतें और अनुमति दे दी जाएं तो वे पलभर में पाकिस्तानी सेना के पोस्ट नेस्तनाबूद कर सकते हैं।
इसकी अनुमति नहीं मिलने से उनके लिए पोस्टों पर बने रहना भी मुश्किल हो रहा है। कुछ जवानों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें और उनके साथियों को इनसास और बरेटा जैसे हथियार थमाए गए हैं, जिनसे खुद की जान बचाना मुश्किल हो जाता है, तो ऐसे में वे देश की रक्षा कैसे कर सकते हैं।
जवानों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना जीरो लाइन पर पक्के मोर्चे लगा कर उन पर 82 एमएम की क्षमता वाले बम से हमला करते हैं, जबकि उन्हें 51 एमएम से ज्यादा क्षमता वाला बम चलाने की इजाजत नहीं है। रोजाना की फायरिंग को लेकर केंद्र कोई ठोस फैसला लेना चाहिए।
अगर आधुनिक और भारी हथियारों से पाकिस्तान पर हमला नहीं किया गया तो पाक अपनी हरकतों से बाज नहीं आएगा। भारतीय जवानों के पास पास भी 81 एमएम के बड़े बम हैं, लेकिन उन्हें चलाने के आदेश नहीं हैं।
मंगलवार की मध्यरात्रि को आरएस पुरा में फायरिंग में एक जवान शहीद हो गया था जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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